Tuesday, March 27, 2018

✳️✳️ विद्यार्थी ✳️✳️

✳️✳️  विद्यार्थी  ✳️✳️

ओह्ह, आज रविवार है,
कपड़े मोड़ कर बिस्तर
की नीचे रख देता हूं,
खा-म-खा स्त्री के पैसे लग जाएंगे।

देखो ना जूते मुँह बा दिये हैं,
सिलवा लेता हूं इन्हें,
कुछेक महीने और गुज़र जाएंगे
फिलहाल फीस दे दें स्कूल की।

कितनी जल्दी टिफ़िन हो गई,
अच्छा आज सब्जी नही है,
कोई बात नही जल्दी-जल्दी,
अचार के साथ रोटी खा लेता हूं।

धुंधली शाम हो आई,जाता हूं,
ट्यूशन का समय हो आया,
पापा की बात हो गई है उनसे,
बिन पैसे, कुछेक महीने पढ़ा देंगे ।

जिस दिन बारिश बहुत तेज़ होती,
उस दिन भी जरूर जाता हूँ,
कहीं कुछ छूट ना जाये पढ़ाई,
और  दोस्तों से मिलना।

#GKM

शब्दों का जादू














शब्दों का जादू
























Monday, March 26, 2018

🍁🍁 बिटियारानी 🍁🍁

🍁🍁  बिटियारानी  🍁🍁

तेरी एक मुस्कुराहट के खातिर ,
घोड़ा बन चौकी पर चलता रहा,
देखो आज भी तेरी खातिर ,
दौड़ आता हूं, फोन तुम्हारा है सोचकर।

तुम झट से समझ जाती हो मुझको,
जो कोई समझ नहीं पाता ,
बोलने पर भी तो देखो।
इस बंधन में सुकून है, जन्नत का।

नन्ही सी परी मेरे जीवन की,
और बस्ता तो देखो कोई ,
जैसे ईंट पत्थर भरे हुए जमाने के।
कब आज़ादी मिलेगी, इन बिके पढ़ाई से।

तुम्हें खाते देख है लगता मुझे,
मैंने खुद खाना खा लिया हो जैसे,
जूठा खा कर लगता तेरा
मानो लौट आया फिर बालपन मेरा

बिटिया तेरी हंसी ऐसी,
धूप मे  घनी छांव जैसी।
अलौकिक शक्ति का बिम्ब है,
जिसके घर तुझ जैसी बेटी है।

#GKM

Wednesday, March 21, 2018

🌷🌷 शब्द 🌷🌷

विषय- कविता : विधा-हाइकु

दिनांक : 21.03.2018
विषय- कविता।

विधा-हाइकु

जापानी विधा
मशहूर हिन्दी में
नाम हाइकु

हाइकु विधा
तीन पंक्तितयों में
कहानी गढ़े

लिखें हाइकु
पांच सात पांच में
बिंब के साथ

जटिल विधा
हाइकु शब्द चित्र
बिम्ब निचोड़

गर समझे
अद्भूत है हाइकु
सचित्र दर्शे

#GKM

Tuesday, March 20, 2018

🍁🍁 हकीकत 🍁🍁

हाइकु - सर्प

दिनांक : 20.03.2018
विषय-सांप ,भुजंग ,उरग ,नाग ,विषधर
विधा-हाइकु

विकृत मन
सर्पदंश स्वरूप
नाश जीवन

सांप ज़हर
दवा बन बचाए
कर्क मरीज़

सांप के त्वचा
चर्म रोग दवा हो
आदमी बचे

सांप जा सोया
खरगोश के घर
मिट्टी खामोश

सांप निगला
मेंढक तालाब से
बच्चा सहमा

विकृत मन
सर्पदंश स्वरूप
नाश जीवन

#GKM


हाइकु - सर्प

दिनांक : 20.03.2018
विषय-सांप ,भुजंग ,उरग ,नाग ,विषधर
विधा-हाइकु

विकृत मन
सर्पदंश स्वरूप
नाश जीवन

सांप ज़हर
दवा बन बचाए
कर्क मरीज़

सांप के त्वचा
चर्म रोग दवा हो
आदमी बचे

सांप जा सोया
खरगोश के घर
मिट्टी खामोश

सांप निगला
मेंढक तालाब से
बच्चा सहमा

विकृत मन
सर्पदंश स्वरूप
नाश जीवन

#GKM


Monday, March 19, 2018

~~ विषय : टीस ~~

विषय : टीस
~~~~~~~~~~~~~~
गर अहसास है, तो जिंदा हो तुम
गर मर्म है, तो जिंदा हो तुम
गर हया है, तो जिंदा हो तुम
गर कसक है, तो जिंदा हो तुम
गर जिद्द है, तो जिंदा हो तुम
गर आह है, तो जिंदा हो तुम
गर उत्सुकता है, तो जिंदा हो तुम
गर दर्द है, तो जिंदा हो तुम
गर कशिश है, तो जिंदा हो तुम
गर टीस है, तो जिंदा हो तुम
गर त्याग है, तो जिंदा हो तुम
गर संतोष है, तो जिंदा हो तुम
गर बेकरारी है, तो जिंदा हो तुम
गर इश्क है, तो जिंदा हो तुम
*वर्ना फक्त निर्मम दरख़्त हो *

~~ विषय : खुमारी ~~

विषय : खुमारी
~~~~~~~~~~~~~
जी करता है डूब जाऊ
कमल की गहराइयों मे,
जी करता है कस लू 
गुलाबी पंखुरियों को।
परन्तु तेरे खुशबू ने
दीवाना बना दिया,
इसलिए छू न सका
कही मुरझा न जाओ।
यूँ तो पूरी कायनात
है देखती तुझे,
पर मेरे नज़र मैं
खुमार है अलग।
गर पहचान लो खुमारी
तो मुझे जन्नत नशीब ,
वर्ना माली बन
निहारु जिंदगी पर्यन्त।

#GKM

हाइकु-बगीचा

विषय- उद्यान,बाग़,वाटिका,उपवन आदि समानार्थी
विधा : हाइकु   दिनांक:19.03.2018

गांव बगीचा
उग्रवादी बारूद
मासूम मरे

बीच शहर
फल-फूल बगीचा
प्रदूषण में

कारखाना के
सुस्त फूल बगीचा
मांगता मौत

आम बगीचा
सूखे पेड़ लकड़ी
लाश जलाए

चंदन बाग़
सांप लिपटे डाल
सूंघ खुसबू

#GKM

Saturday, March 17, 2018

🍁🍁 प्रश्नोत्तर 🍁🍁

🍁🍁 प्रश्नोत्तर 🍁🍁

कुछ प्रश्नों में ही जवाब होते है,
कुछेक उत्तर सवाल बन जाते है।
कुछेक सवालों को सुलझाते ही,
हमारी जिंदगी पूरी कट जाती है।

कुछेक उत्तर फिर प्रश्न बन जाती,
सुलझाने में और उलझ जाती है।
उसी उलझन में आराम मिलता है,
जिन्दगी बेलगाम बहती जाती है।

वक्त के साथ उत्तर जो हमने दिए थे,
वो वापस मेरे सामने प्रश्न बन खड़े हो गए।
तुम्हारे हरेक प्रश्न अब उत्तर से लगते है,
प्रतिउत्तर के ऐवज में तुम्हारी हुई हयात।

यही इंतज़ार की तुम अब प्रश्न करो,
मैं उत्तर दुँ, मैं प्रश्न करूँ, तुम जवाब दो।
जिंदगी थामे इस डोर को , मैं बंधा रहूं ,
डर इस बात का हमें, जिंदगी ना दे दे जवाब।

#GKM

Saturday, March 10, 2018

~~ अंतर्द्वन्द्व ~~

~~  अंतर्द्वन्द्व  ~~

अंतर्द्वन्द्व से ओत-प्रोत ,
मन विकृत हो जूझ रहा।

हरेक तत्व घेरे चहुँओर से,
मन रक्त-द्रवित क्रन्दन करे।

कभी अश्रु निकलते नहीं,
मन निरंकुश हो खा रहा।

द्वन्द्व ने विभक्त कर,
परित्यक्त कर दिया।

अंतः मन दूर काया से,
चीत्कार करे स्तब्ध हो।

#GKM

Wednesday, March 7, 2018

🌷 स्त्री 🌼

🌷 स्त्री   🌼

वृहद, रुद्र रूप कर धारण,
बचाती खुद को, असुरों से।

निखर चाँदनी, यौवन लुटाती,
अप्सरा बन , मनमीत  पर।

मातृ रूप में बिन रुके-थके,
निरंतर सेवा करती शिशु का।

अंतिम क्षण , स्तब्ध कर चली,
सभ्यता को समेटे आँचल मे।

नमन पावन मातृ शक्ति को,
जो खुद सशक्त है,तीनों लोक में।

#GKM
#womensday

🌷 चिड़ियाँ 🌷

            चिड़ियाँ 

शांत , बिल्कुल अचेतन वातावरण,
फिर एक जबरदस्त, गूंज धरा पर।
चित्त प्रसन्न कर, वाह कितना सुंदर,
झुंड में ,तालाब के ऊपर निकल आई।
आसमान ओर ,चहचहाहट से ओत-प्रोत,
मानो घुंघरू पहन नाचती, सैंकड़ो चिड़िया।
उड़ गया उसके साथ ही मन , जीवंत मेरा,
रह गया नश्वर धरा पर निर्जीव शरीर मेरा ।

#GKM

💐 जादूगर 💐

कुछ लोग सरे-राह कहते हैं कि
ये शब्दो का जादूगर बन चला,
उन्हें पता नही हक़ीक़त की
कितने दर्द समेटे हैं सीने में,
की शब्द नहीं, ये दर्द हैं सीने की,
जो छलक रहे है पंक्तितयों में
की चंद कविताओं के बहाने,
हम खुद को लिख लेते है।

#GKM

🍁 अचेतन अनुराग 🍁

🍁 अचेतन अनुराग 🍁

ये मेरी मोहब्बत की इन्तहां थी ,
वो कह गए कि ये तो फक्त शुरुआत है।
शुरुआत में इतना कशिश है नाज़नीं,
तो इन्तहां जन्नत सी होगी प्रणय की।
हम उनके दिल में घर कर बैठे थे,
उन्हें लगा शब्दों का जादू मात्र है ।
वो सोचेंगे इश्क़ है कि नहीं मुझसे,
वो मेरा नाम गुनगुनाते चली गयी।

#GKM

🎆 विषय : गुफ़्तगू 🎆

विषय : गुफ़्तगू
=~~~~~~~~=
हम तो अल्फाज़ो को
समेटने मे लगे थे
आपसे गुफ़्तगू ने
ज़रीन ख्वाब दे दिए
ऐसा लगा कि
मैं मंत्रमुग्ध हो गया
की खोया हुआ
सांस नशीब हो गया।

अब निःशब्द मैं
जोड़ता हूं बिछडे
यादाश्त के पन्ने
कुछेक फटे
कुछेक बिखड़े
यत्न लगा के दिल से
ज़तन किया पूरा

परन्तु लगता बहुत दूर
निकल आये हम
तोड़ते वक़्त को
चीरते मूल्यों को
न जुड़ पाये यादाश्त
न मिल पाए लफ्ज।

वक़्त-ए-हयात के अंतिम सांस
मे आप ही रहोगे
पन्नों के स्याह मे भी क्योंकि
प्यार लफ्ज़ों मे कहाँ !!

#GKM

🌼 विषय : स्नेह लफ़्ज़ों मे कहा ✳️

विषय : स्नेह लफ़्ज़ों मे कहा
~~~~~~~~~~~~~~
ये प्यार बहुत सुहाना
न दिन का अता
न रात का पता ।

ये इश्क़ अति रमणीय
न घण्टो का अता
न छणों का पता ।

ये दिदार अधिक प्रिय
न खाने का अता
न पीने का पता।

ये मिलन ज्यादा सुखद
न नमक का अता
न मिठास का पता।

ये नज़र सर्वोपरि वार्ता
न लफ्जों का अता
न लबों का पता।

क्योंकि
प्यार लफ़्ज़ों मे कहा.........

#GKM

🌷 विषय : साथी 🌼

विषय : साथी
~~~~~~~

तुम हो कि सांस ले पाता हूं
वर्ना जिन्दगी तो मर चुकी थी।

तुम ही हो कि प्रेम सजग हुए
नही तो वीरान दयनीय दुनिया थी।

तुम्हारे मिठ्ठी वाणी ने गर्माहट दी
अन्यथा शरीर ठंडा पर चुका था

ये चहकते मुस्कान ने जोश दिये
वर्ना अवसाद बसर-ए-वक़्त चला था।

तुम दुख-सुख जो बांटते-सुनते हो
नही तो अकेला कष्ट सह बहा था

अब तुम्हारे लिए सजा-संवारा
वर्ना यूं ही शरीर ढोते जा रहा था ।

#GKM

🌷 विषय : ऐतबार 🌷

विषय : ऐतबार
-------------

और उस खवाब मे
ज़ुस्तज़ु हो एहसासों की
तमन्ना हो मिलन की
तुम दीये जलाये रखना
दिल-ए-ऐतबार की ।

कभी तो दहलीज पार
नशीब होगी ज़ानिब
मरु मे जैसे तलब नीर की
तुम दीये जलाये रखना
दिल-ए-ऐतबार की।

कभी तो घण्टों
बीत गए बेबात
अब नज़र-ए-करम आस लगाए
तुम दीये जलाये रखना
दिल-ए-ऐतबार की।

#GKM

🌼 विषय : मिलाप 🌼


विषय : मिलाप

काश वक़्त लौट पाता
हम जुदा होने के छन
मिटा देते नशीब से

खैर अब रूहें शक्त
लबों की मूरत देख
बसर जिंदगी यूँ ही।

हम बंदिशों मे कैद थे
तुम्हारे एहसासों की खुश्बू
हमें आज़ाद कर गयी।

#GKM

✳️ विषय : वक़्त ✳️

विषय : वक़्त

जीवन मशीन बन
खुद को भूल गया
वक़्त ज़िना छीन लिया

तुम्हारे मासूम पल ने
मेरे होने का एहसास दिला
मुझे खुद से मिला दिया।

लीगों की बातों को
समझने में वक़्त लगता
बात फक्त राज की नीति सबकी

तुम्हारे मीठी बातों ने
वक़्त को वापस मोर दिया
शब्द हृदय की सुना दिया।

#GKM

🌺 विषय : ढलती आयु 🏵️

विषय : ढलती आयु

ये वक़्त रेत सा
फिसलता दौड़ाता
काश की रुक जाता

कुछ पल और
साथ किलकारियां
साथ मस्तियां

साथ मेरे बदमाशियाँ
जीवन तरंग बन
वक़्त मूरत बन रुक जाता।

#GKM
#happy_birthday

🌷 विषय : रूह 🌷


विषय : रूह

अंत तो सुनश्चित है
बस रास्ते बीत जाए।

अनुकूल पार जीवंत है
बस अपार मिलन हो जाये।

हम तो मृत भूमि सफर पर है
बस अंत मे झलक देख जाना

मृतुशैया नाम सत्य है
अंतत: अंत दृश्य विषम न हो।

#GKM

Tuesday, March 6, 2018

🐙🐙🦇शहर🦇🐙🐙

🐙🐙🦇शहर🦇🐙🐙

डर लगता है, बहुत डर
ये शहर की जिंदगी,
फर्राटेदार गाड़ियां
अंधेरी रातों में बिन सोये
दौड़ती गाड़ियाँ।

डर लगता है, बहुत डर
निर्मम राजमार्ग,
मारती मिटाती इंसानियत,
रौंदती सुलाती हराती
दुसरों से आगे बढ़ती ।

डर लगता है, बहुत डर
अट्टालिकाओं में बस्ते
घर के अंदर घर,
फिर उसके भी अंदर घर,
लोग बस्ते माचिस के डिब्बों में।

डर लगता है, बहुत डर
लोगों के पुते हुए चेहरे,
चेहरे पे चढ़ा हुआ
एक और चेहरा ,
काटता नोचता बिन छुए।

डर लगता है, बहुत डर
घुटन बीमार हवा की,
बनावटी सब्जियों की
पापी पेट को शांत किये,
एकटक पैसों को देखते नयन

डर लगता है, बहुत डर ।।

#GKM

🥀 हस्ताक्षर🥀

🌷 हस्ताक्षर 🌷

कहीं पर मुलाकात होगी,
साथ बैठ बातचीत होगी,
या फिर मिल जाना 
आभासी दुनिया में कहीं।


बातचीत होगी, तब बात होगी,
बात-बात पर बात निकलेंगे
बात निकलेगी तो तुम 
इनकार करोगी कुछेक पर।


इनकार कर चले जाओगी,
यूँ की बातचीत हुई ना हो।
मैं भी चला जाऊंगा तुम्हारे
शब्दों के साथ, मुस्का कर।


तुम तन्हा अकेले खुद ही
याद करोगी अपनी बातचीत।
खुद से वार्तालाप करोगी ,
इकरार करोगी मन में ही।


फिर लफ्ज़ों में ढूंढोगी मुझे,
खुद ही से तुम, खुद में, मुझे ढूंढोगी।
ये मेरा पहला हस्ताक्षर होगा,
तुम्हारे दिल पर।


#GKM

✳️✳️ सीरिया ✳️✳️


✳️✳️ सीरिया ✳️✳️



वो जो निर्जन सा शहर दिख रहा,
लूट गया किसी के धर्म को बचाने में।


किसी ने प्यार से बसाया था अपना शहर,
शहर में अट्टालिकाएं,अट्टालिकाओं में घर।


घर के अंदर ममता अब कराहता ,
बच्चे-बूढ़े बेघर, अनाथालय तलाश रहे।


वो जो निर्जन सा आदमी है दिख रहा,
वो इंसानियत से खेलता है, हर वक़्त।


वहाँ रंगीन फूलों के गलियारों में ,
चमकता-चहकता था अहसास प्यार का।


अब उन गलियारों में गढ्ढे पड़े है,
बम-बारूदों के, सने हुए खून से।


वो इंसान थे , छोड़ गए घर उस शहर का,
साथ अपनों के, फिर नया शहर बसाने।



#GKM
#save_syria

🌺🌺 मरहम 🌺🌺

🌺🌺 मरहम 🌺🌺


जिंदगी भरी पड़ी है, ज़माने के गम से ,
गर खुशी थोड़ी ही सही, मिल जाती है,
तो लगता है की दुःख ही है, वो शायद।


मैंने खुशी को तिजोरी में संभाल के रखा है,
जब भी दर्द होता है, उसको मरहम समझ,
लगा लेता हूँ, देख मरहम खत्म ना हो जाये।


सुनो , तुम गम ना करना ज़माने के पीड़ा की ,
जब भी दिल-दिमाग को आघात हो ज़माने से,
आ जाना मेरे पास, मिल के मरहम बांट लेंगे।


#GKM

Monday, March 5, 2018

~~ बेरंग होली ~~

🌷🌷🏵️भाग-1 : बेरंग होली🏵🌷🌷


होली आई चेहरे पर मुस्कान लेके,
फिर रंगों को ले बैठें, सड़क किनारे
दो पैसे कमाने,दो दिन स्कूल छोड़ कर।
रंगों को बेच, पेट के लिए पैसे कमा कर,
वो आयंगे पैसे लेकर , खुशी खरीदने।

होली आई चेहरे पर मुस्कान लेके,
हृदयविदारक धूप में सुखी रोटी खाके,
बच्चे आये हाथ में बर्फ़गोले लेकर।
दस की आठ में मोलभाव करते बच्चे,
चलो बिकी आठ में, एक रुपए बचे उसमें।

होली आई चेहरे पर मुस्कान लेके,
अब शाम हो चली अंधेरा छा गया
मिट्टी तेल भर लूं, रोशन कर दु जहाँ।
गाड़ी पर आएंगे, ढेर सारे सौदे खरीदने,
न दिखा तो रौंद देंगे, समान सहित हमें।

होली आई चेहरे पर मुस्कान लेके,
रात काफी हो चली, बढ़ा ले समान,
एक थैले में भर दुकान, अरमान सारे।
जल्दी सोना है ,कल रंगों की होली है ,
फिर वहीं सजाना है, समान सारे ।

होली आई चेहरे पर मुस्कान लेके।

#GKM
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🌷🏵️भाग-2 : बेरंग होली🏵🌷


होली आई चेहरे पर मुस्कान लेके,
आज होली है,पाठशाला की छुट्टी है ,
बच्चे-जवान आएंगे,रंग लेने पैसे देकर,
सुबह हो गई, जल्दी दौरो सड़क किनारे,
एक थैले में भर दुकान, अरमान सारे।

होली आई चेहरे पर मुस्कान लेके,
सज़ा लिया दुकान, बोरे के ऊपर
उफ्फ, पिछली बार की तरह ना हो
पी के ना आ जाये कोई , सामान नोंचने,
हे परमेश्वर, तुमने इन्हें क्यों बनाया !

होली आई चेहरे पर मुस्कान लेके,
आ गई, बच्चों-योवनों की टोली।
दस के बदले बीस के बिके सामान
वो खुश थे, लुटा दिए पैसे मुझ पर,
मैं समेटता गिनता, खुशी नशीब हो गया।

होली आई चेहरे पर मुस्कान लेके,
अब घर चलूं, माँ भी आ गई होगी,
साहेब के घर से झाड़ू-पोछा करके।
उनको बख्शीश मिली होगी शायद,
साहब बहुत दयावान है दिल के,
अच्छे है, बस वो मैडम गाली न दी हों।

होली आई चेहरे पर मुस्कान लेके,
दोस्त आ गए, रंग गुलाल लेकर,
जमेगी मस्ती , चलो साथ खा लें कुछ,
पुआ, दही-वड़ा और आलू अचार,
मां,साहेब घर का चावल-दाल भी दे दो।

होली आई चेहरे पर मुस्कान लेके।

#GKM

ख्यालात

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