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Saturday, March 17, 2018

🍁🍁 प्रश्नोत्तर 🍁🍁

🍁🍁 प्रश्नोत्तर 🍁🍁

कुछ प्रश्नों में ही जवाब होते है,
कुछेक उत्तर सवाल बन जाते है।
कुछेक सवालों को सुलझाते ही,
हमारी जिंदगी पूरी कट जाती है।

कुछेक उत्तर फिर प्रश्न बन जाती,
सुलझाने में और उलझ जाती है।
उसी उलझन में आराम मिलता है,
जिन्दगी बेलगाम बहती जाती है।

वक्त के साथ उत्तर जो हमने दिए थे,
वो वापस मेरे सामने प्रश्न बन खड़े हो गए।
तुम्हारे हरेक प्रश्न अब उत्तर से लगते है,
प्रतिउत्तर के ऐवज में तुम्हारी हुई हयात।

यही इंतज़ार की तुम अब प्रश्न करो,
मैं उत्तर दुँ, मैं प्रश्न करूँ, तुम जवाब दो।
जिंदगी थामे इस डोर को , मैं बंधा रहूं ,
डर इस बात का हमें, जिंदगी ना दे दे जवाब।

#GKM

ख्यालात

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