शब्दों का जादू ~ Magic of Words. All extracts are subject to ©Gautam Kumar Mishra
Thursday, April 5, 2018
Wednesday, April 4, 2018
🍁 निःशब्द 🍁
🍁 निःशब्द 🍁
बादलों ने तान के शब्दों को छोड़ा है,
पूरा भींग गया हूं मैं, कुछ अवशेष है ,
जिसे लिख देता हूँ, वापस बादलों पर।
लफ्ज़ों की दीवानगी का आलम है कि,
शाम से सुबह कब हुई खबर नही,
सुबह से शाम शब्द तलाशता, निःशब्द बन।
बड़ी सिद्दत से लिख रहा आपको शब्दों में,
दिन-ब-दिन लिखने की ख्वाहिश बढ़ती रही।
खुशियाँ कम हैं नशीब में मेरे, इसलिये,
शब्द को ही दोस्त बना लिया हूँ, यारों।
पंक्तियों के शब्द टूट के बिखर जा रहे,
आपकी यादें इतनी रुलाती हैं इनको।
फिर, हम शिकायतें शब्दोँ में लिख सहेजते है,
ताकि फिर, निगाहें मिला सके आप से।
#GKM
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