🌷 स्त्री 🌼
वृहद, रुद्र रूप कर धारण,
बचाती खुद को, असुरों से।
निखर चाँदनी, यौवन लुटाती,
अप्सरा बन , मनमीत पर।
मातृ रूप में बिन रुके-थके,
निरंतर सेवा करती शिशु का।
अंतिम क्षण , स्तब्ध कर चली,
सभ्यता को समेटे आँचल मे।
नमन पावन मातृ शक्ति को,
जो खुद सशक्त है,तीनों लोक में।
#GKM
#womensday