चिड़ियाँ
शांत , बिल्कुल अचेतन वातावरण,
फिर एक जबरदस्त, गूंज धरा पर।
फिर एक जबरदस्त, गूंज धरा पर।
चित्त प्रसन्न कर, वाह कितना सुंदर,
झुंड में ,तालाब के ऊपर निकल आई।
झुंड में ,तालाब के ऊपर निकल आई।
आसमान ओर ,चहचहाहट से ओत-प्रोत,
मानो घुंघरू पहन नाचती, सैंकड़ो चिड़िया।
मानो घुंघरू पहन नाचती, सैंकड़ो चिड़िया।
उड़ गया उसके साथ ही मन , जीवंत मेरा,
रह गया नश्वर धरा पर निर्जीव शरीर मेरा ।
रह गया नश्वर धरा पर निर्जीव शरीर मेरा ।
#GKM
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