विषय : मिलाप
काश वक़्त लौट पाता
हम जुदा होने के छन
मिटा देते नशीब से
खैर अब रूहें शक्त
लबों की मूरत देख
बसर जिंदगी यूँ ही।
हम बंदिशों मे कैद थे
तुम्हारे एहसासों की खुश्बू
हमें आज़ाद कर गयी।
#GKM
शब्दों का जादू ~ Magic of Words. All extracts are subject to ©Gautam Kumar Mishra
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