Wednesday, March 7, 2018

🌷 विषय : रूह 🌷


विषय : रूह

अंत तो सुनश्चित है
बस रास्ते बीत जाए।

अनुकूल पार जीवंत है
बस अपार मिलन हो जाये।

हम तो मृत भूमि सफर पर है
बस अंत मे झलक देख जाना

मृतुशैया नाम सत्य है
अंतत: अंत दृश्य विषम न हो।

#GKM

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ख्यालात

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