Wednesday, March 7, 2018

🌷 विषय : ऐतबार 🌷

विषय : ऐतबार
-------------

और उस खवाब मे
ज़ुस्तज़ु हो एहसासों की
तमन्ना हो मिलन की
तुम दीये जलाये रखना
दिल-ए-ऐतबार की ।

कभी तो दहलीज पार
नशीब होगी ज़ानिब
मरु मे जैसे तलब नीर की
तुम दीये जलाये रखना
दिल-ए-ऐतबार की।

कभी तो घण्टों
बीत गए बेबात
अब नज़र-ए-करम आस लगाए
तुम दीये जलाये रखना
दिल-ए-ऐतबार की।

#GKM

No comments:

Post a Comment

ख्यालात

Popular Posts