विषय : स्नेह लफ़्ज़ों मे कहा
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ये प्यार बहुत सुहाना
न दिन का अता
न रात का पता ।
ये इश्क़ अति रमणीय
न घण्टो का अता
न छणों का पता ।
ये दिदार अधिक प्रिय
न खाने का अता
न पीने का पता।
ये मिलन ज्यादा सुखद
न नमक का अता
न मिठास का पता।
ये नज़र सर्वोपरि वार्ता
न लफ्जों का अता
न लबों का पता।
क्योंकि
प्यार लफ़्ज़ों मे कहा.........
#GKM
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