Tuesday, March 6, 2018

🌺🌺 मरहम 🌺🌺

🌺🌺 मरहम 🌺🌺


जिंदगी भरी पड़ी है, ज़माने के गम से ,
गर खुशी थोड़ी ही सही, मिल जाती है,
तो लगता है की दुःख ही है, वो शायद।


मैंने खुशी को तिजोरी में संभाल के रखा है,
जब भी दर्द होता है, उसको मरहम समझ,
लगा लेता हूँ, देख मरहम खत्म ना हो जाये।


सुनो , तुम गम ना करना ज़माने के पीड़ा की ,
जब भी दिल-दिमाग को आघात हो ज़माने से,
आ जाना मेरे पास, मिल के मरहम बांट लेंगे।


#GKM

No comments:

Post a Comment

ख्यालात

Popular Posts