शब्दों का जादू ~ Magic of Words. All extracts are subject to ©Gautam Kumar Mishra
Saturday, March 17, 2018
🍁🍁 प्रश्नोत्तर 🍁🍁
Wednesday, March 14, 2018
Monday, March 12, 2018
Sunday, March 11, 2018
Saturday, March 10, 2018
~~ अंतर्द्वन्द्व ~~
~~ अंतर्द्वन्द्व ~~
अंतर्द्वन्द्व से ओत-प्रोत ,
मन विकृत हो जूझ रहा।
हरेक तत्व घेरे चहुँओर से,
मन रक्त-द्रवित क्रन्दन करे।
कभी अश्रु निकलते नहीं,
मन निरंकुश हो खा रहा।
द्वन्द्व ने विभक्त कर,
परित्यक्त कर दिया।
अंतः मन दूर काया से,
चीत्कार करे स्तब्ध हो।
#GKM
Friday, March 9, 2018
Thursday, March 8, 2018
Wednesday, March 7, 2018
🌷 स्त्री 🌼
🌷 स्त्री 🌼
वृहद, रुद्र रूप कर धारण,
बचाती खुद को, असुरों से।
निखर चाँदनी, यौवन लुटाती,
अप्सरा बन , मनमीत पर।
मातृ रूप में बिन रुके-थके,
निरंतर सेवा करती शिशु का।
अंतिम क्षण , स्तब्ध कर चली,
सभ्यता को समेटे आँचल मे।
नमन पावन मातृ शक्ति को,
जो खुद सशक्त है,तीनों लोक में।
#GKM
#womensday
🌷 चिड़ियाँ 🌷
फिर एक जबरदस्त, गूंज धरा पर।
झुंड में ,तालाब के ऊपर निकल आई।
मानो घुंघरू पहन नाचती, सैंकड़ो चिड़िया।
रह गया नश्वर धरा पर निर्जीव शरीर मेरा ।
💐 जादूगर 💐
कुछ लोग सरे-राह कहते हैं कि
ये शब्दो का जादूगर बन चला,
उन्हें पता नही हक़ीक़त की
कितने दर्द समेटे हैं सीने में,
की शब्द नहीं, ये दर्द हैं सीने की,
जो छलक रहे है पंक्तितयों में
की चंद कविताओं के बहाने,
हम खुद को लिख लेते है।
#GKM
🍁 अचेतन अनुराग 🍁
🍁 अचेतन अनुराग 🍁
ये मेरी मोहब्बत की इन्तहां थी ,
वो कह गए कि ये तो फक्त शुरुआत है।
शुरुआत में इतना कशिश है नाज़नीं,
तो इन्तहां जन्नत सी होगी प्रणय की।
हम उनके दिल में घर कर बैठे थे,
उन्हें लगा शब्दों का जादू मात्र है ।
वो सोचेंगे इश्क़ है कि नहीं मुझसे,
वो मेरा नाम गुनगुनाते चली गयी।
#GKM
🎆 विषय : गुफ़्तगू 🎆
विषय : गुफ़्तगू
=~~~~~~~~=
हम तो अल्फाज़ो को
समेटने मे लगे थे
आपसे गुफ़्तगू ने
ज़रीन ख्वाब दे दिए
ऐसा लगा कि
मैं मंत्रमुग्ध हो गया
की खोया हुआ
सांस नशीब हो गया।
अब निःशब्द मैं
जोड़ता हूं बिछडे
यादाश्त के पन्ने
कुछेक फटे
कुछेक बिखड़े
यत्न लगा के दिल से
ज़तन किया पूरा
परन्तु लगता बहुत दूर
निकल आये हम
तोड़ते वक़्त को
चीरते मूल्यों को
न जुड़ पाये यादाश्त
न मिल पाए लफ्ज।
वक़्त-ए-हयात के अंतिम सांस
मे आप ही रहोगे
पन्नों के स्याह मे भी क्योंकि
प्यार लफ्ज़ों मे कहाँ !!
#GKM
🌼 विषय : स्नेह लफ़्ज़ों मे कहा ✳️
विषय : स्नेह लफ़्ज़ों मे कहा
~~~~~~~~~~~~~~
ये प्यार बहुत सुहाना
न दिन का अता
न रात का पता ।
ये इश्क़ अति रमणीय
न घण्टो का अता
न छणों का पता ।
ये दिदार अधिक प्रिय
न खाने का अता
न पीने का पता।
ये मिलन ज्यादा सुखद
न नमक का अता
न मिठास का पता।
ये नज़र सर्वोपरि वार्ता
न लफ्जों का अता
न लबों का पता।
क्योंकि
प्यार लफ़्ज़ों मे कहा.........
#GKM
🌷 विषय : साथी 🌼
विषय : साथी
~~~~~~~
तुम हो कि सांस ले पाता हूं
वर्ना जिन्दगी तो मर चुकी थी।
तुम ही हो कि प्रेम सजग हुए
नही तो वीरान दयनीय दुनिया थी।
तुम्हारे मिठ्ठी वाणी ने गर्माहट दी
अन्यथा शरीर ठंडा पर चुका था
ये चहकते मुस्कान ने जोश दिये
वर्ना अवसाद बसर-ए-वक़्त चला था।
तुम दुख-सुख जो बांटते-सुनते हो
नही तो अकेला कष्ट सह बहा था
अब तुम्हारे लिए सजा-संवारा
वर्ना यूं ही शरीर ढोते जा रहा था ।
#GKM
🌷 विषय : ऐतबार 🌷
विषय : ऐतबार
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और उस खवाब मे
ज़ुस्तज़ु हो एहसासों की
तमन्ना हो मिलन की
तुम दीये जलाये रखना
दिल-ए-ऐतबार की ।
कभी तो दहलीज पार
नशीब होगी ज़ानिब
मरु मे जैसे तलब नीर की
तुम दीये जलाये रखना
दिल-ए-ऐतबार की।
कभी तो घण्टों
बीत गए बेबात
अब नज़र-ए-करम आस लगाए
तुम दीये जलाये रखना
दिल-ए-ऐतबार की।
#GKM
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